मुंबई में लॉक डाउन का विरोध होटल कारोबारियों के साथ आई कांग्रेस।

मुंबई।मुंबई सहित पूरे महाराष्ट्र में जिस तरह से निरन्तर कोरोना वायरस अपना पैर वापस से पसार रहा है। जिस वायरस की वजह से आये दिन मरीजों की संख्या में बृद्धि होते जा रही है। स्थिति को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने रात में कर्फ्यू का दिशानिर्देश जारी कर दिया है।
जिसे गम्भीरता से लेते हुए मुंबई पुलिस और मनपा प्रशासन लगातार मुंबई में तमाम बड़े संस्थानों को रात 8:00 बजे के पहले ही बंद करवाने का दिशा निर्देश दिया है। जिसके तहत मुंबई पुलिस लगातार उन दुकानों और होटलों को बंद करवा रही है जिसके कारण अब होटल कारोबारियों पर आर्थिक संकट गहराने लगा है।
जिसे देखते हुए मुंबई कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संजय निरुपम कांग्रेस कार्यकर्ताओं व होटल कर्मियों के साथ मिलकर ओशिवरा पुलिस स्टेशन की हद में स्थित श्रीजी होटल के सामने लॉक डाउन के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर सैकड़ो की संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता व दुकानदार होटल कारोबारियों की भीड़ एकत्र हुई तो वही कोंग्रेस नेता संजय निरुपम लॉक डाउन का विरोध करते हुए कहाकि पिछली बार लम्बे समय तक लॉक डाउन होने की वजह से देश की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई जोकि अभी तक पटरी पर नही लौट पाई है।जिसके कारण तमाम मजदुर कारोबारी बेरोजगार हो गए शहरों से गांव की तरफ पलायन कर दिए थे।एक बार फिर से उसी रास्ते पर इन गरीब मजदूरों, दुकानदारों, होटल कारोबारियों धकेलने की कोशिश सरकार के तरफ से की जारही है।
हमें लॉक डाउन से विरोध नही है।
लेकिन हम इस तरह के लॉक डाउन का विरोध करते है।यह किस तरह का लॉक डाउन है। कोरोना वायरस केवल रातों को आता है सुबह चला जाता है सरकार से हमारी मांग है।पब क्लब जैसे संस्थानो के ऊपर अंकुश लगाए जाएं हमे एतराज नही है।परन्तु इन छोटे होटलों व दुकानदारों पर अंकुश नही होना चाहिए।क्योंकि जब धंधे का समय होता है उसी वक्त प्रशासन इनके व्यवसायों को बंद करवा दे रही है। जिसकी वजह से यह सभी कारोबारी परेशान हो चुके है।
कांग्रेस नेता निरुपम ने कहाकि कोरोना के दूसरी लहर के नाम पर जो तमाशा हो रहा है अब बन्द होना चाहिए।लॉक डाउन की कोई आवश्यकता नही है। सरकार लॉक डाउन की बजाय और कोई और दिशानिर्देश सावधानी बरतने के लिए जारी करे। जिसका पालन सभी होटल वाले करने के लिए तैयार है। लॉक डाउन करना यह उचित नही है। कांग्रेस की तरफ से यह मांग हैकि सरकार को विचार करना चाहिए ताकि सभी करोबार व्यवसाय व्यवस्था सुचारू रूप से चले नही तो आर्थिक व्यवस्था चौपट हो जाएगी।

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