मुंब्रा उपनगर में स्कूली फीस माफी को लेकर अनोखी पहल

एक मंच पर नजर आए राजनेता, स्कूल प्रबंधन और अधिकारी।
समर प्रताप सिंह
मुंब्रा। मुंब्रा उपनगर में इस समय स्कूली फीस माफी को लेकर अनोखी पहल शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में राकांपा के प्रयास से राजनेताओं, नगरसेवकों, स्कूल प्रबंधन और सरकारी अधिकारियों को एक मंच पर लाया गया। जहां कोरोना संकट के काल में स्कूली फीस माफी को लेकर सार्वजनिक चर्चा हुई। सबों ने निजी विचार रखे। विदित हो कि कोरोना संकट के कारण अभिभावक स्कूली फीस जमा करने की स्थिति में नहीं हैं। इसी को देखते हुए उक्त बैठक का आयोजन मुंब्रा के डायमंड हॉल में किया गया।
कोरोना संकट के बीच महीनों से बच्चों का स्कूली फीस नहीं भरा गया है। जिस कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो$गी। इस संभावना को देखते हुए संघर्ष सेवाभावी संस्था अध्यक्षा ऋ ता आव्हाड, राकांपा के वरिष्ठ नेता सय्यदअली अशरफ (भाई साहेब), मुुंब्रा-कलवा विधानसभा राकांपा अध्यक्ष शमीम शान, नगरसेवक शानु पठाण, ठाणे मनपा के उपायुक्त मनीष जोशी, मुंब्रा प्रभाग समिति अध्यक्षा अशरीन राऊत,  शिक्षणाधिकाी साहेबराव वडे और राजेश कानकल के संयुक्त प्रयास से मुंब्रा स्थित डायमंड हॉल में विशेष बैठक का आयोजन किया गया। सबों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए स्कूल प्रबंधन से आग्रह किया है कि वे बच्चों को फीस माफी दे। वैसे आगंतुकों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि स्कूल प्रबंधन ५० प्रतिशत फीस माफ करे।
वैसे बैठक के दौरान कई स्कूलों ने फीस माफी को लेकर खुले दिल से उत्सुकता दिखाई। राजनेता, नगरसेवक और अधिकारियों ने इस बात पर विशेष बल दिया कि मुंब्रा -कौसा में संचालित हो रहे स्कूलों ने जो मुकाम हासिल किया है उसमें यहां की जनता यानी अभिभावकों का अहम योगदान रहा। जिस कारण शिक्षण संस्थानों ने अच्छी खासी प्रगति की है। लेकिन अब समय ऐसा आया है कि शिक्षण संस्थान आम अभिभावकों के प्रति हमदर्दी दिखाए। बैठक में शिक्षण संस्थानों के संचालकों से कहा गया कि वे केवळ एक साल के लिए फीस को लेकर अभिभावकों को रियायत दे।
चर्चा और बातचीत के दौरान कुछ स्कूलों के प्रबंधन ने अति उत्साह दिखाते हुए फीस माफी को लेकर निजी घोषणा की। इस स्थिति में बैठक के आयोजकों ने इस बात पर बल दिया कि फीस माफी को लेकर तमाम स्कूल एक रुख अपनाए। यानी फीस को लेकर जो रियायात देने को राजी है, उस बारे में स्कूलों को मिलकर निर्णय लेना है। जबकि बैठक के दौरान राकांपा के मुंब्रा-कलवा विधानसभा अध्यक्ष शमीम खान ने कहा कि कोरोना संकट के समय अभिभावकों पर पहाड सा टूट गया है। वे आर्थिक तौर पर मोहताज बने हुए हैं। ऐसी स्थिति में बच्चों के स्कूली फीस को लेकर स्कूल प्रबंधन अपनी उदारता दिखाए। ताकि अभिभावक और स्कूल प्रबंधन के आपसी रिश्ते मजबूत रहे। साथ ही बच्चों की पढ़ाई नियमित हो सके।

80 views
Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: