कोरोना मुक्त ग्रामीण भागों में जागरुकता लाने के लिए मुख्यमंत्री ठाकरे ने की आशा ताई वर्करों से अपील।

दिनेश शुक्ला।

संभावित कोविड की तीसरी लहर को रोकने में आशा ताई वर्करों की अहम भूमिका – मुख्यमंत्री ठाकरे।

मुंबई।मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आशा वर्करों को कोरोना काल में उनके काम के लिए आभार व्यक्त करते हुए उनसे ग्रामीण इलाकों की जिम्मेदारी लेने और कोरोना से मुक्ति के लिए उनका मार्गदर्शन करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने अनुमान जाहिर करते हुए कहा है कि बच्चों को कोरोना की संभावित तीसरी लहर का खतरा है। इस लहर को रोकने में ‘आशा’ कार्यकर्ताओं की भूमिका अहम है। राज्य में कोविड मुक्त गांव के लिए लोगों में जागरूकता पैदा की जाए। अभिभावकों को न घबराने का आश्वासन दिया जाये।
मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस वेबिनार में मार्गदर्शन देते हुए बाल रोग टास्क फोर्स के सदस्यों व आशा वर्करों के साथ बच्चों में कोरोना संक्रमण और आशा सेविकों की जिम्मेदारियों पर बातचीत की।
जिस अवसर पर मुख्य सचिव सीताराम कुंटे, स्वास्थ्य आयुक्त डॉ. बाल रोग विशेषज्ञों की टास्क फोर्स के अध्यक्ष डॉ. रामास्वामी, सुहास प्रभु, डॉ. विजय येओलाले, डॉ. समीर दलवई, डॉ. ऑनलाइन कांफ्रेंस में आरती किनिकर के साथ राज्य भर से करीब 70,000 आशा सेविकाओं ने भाग लिया था।
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की और कहा कि बच्चों को कोरोना संक्रमण से बचाने की मेरी जिम्मेदारी परिवार के सदस्यों के माध्यम से ही अपने परिवार को बताएं।
अन्य संक्रामक रोगों की सूचना तत्काल प्रशासन को दें।
बाल रोग कार्य बल की सिफारिशों को लागू करते हुए मुख्यमंत्री ने आशा सेवकों से अपील की कि कोरोना के अलावा कोई भी लक्षण पाए जाने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करें। आशा सेविक को चाहिए कि वह बच्चों की देखभाल में माता-पिता का मार्गदर्शन करें और उन्हें आश्वस्त करें ताकि वे डरें नहीं।
कुपोषण से होने वाली बाल मृत्यु दर को रोकने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के अलावा कुपोषण का भी संकट है और इसका समाधान करते हुए इस बात का ध्यान रखा जाए कि कुपोषण से बाल मृत्यु न हो। उन्होंने कहा कि गांव की झुग्गी बस्तियों को अपने हाथ में लें और राज्याभिषेक के लिए उनका मार्गदर्शन करें।
आशा’ शब्द से मेल खाने का काम।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में महाराष्ट्र की सफलता की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है और इन सुविधाओं की जड़ें मजबूत करने का काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहाकि आशा ताई वह काम कर रही हैं जो हमारे अंदर ‘आशा’ शब्द के बनने के तरीके के अनुकूल है। इसे ऐसे ही रखें, मुख्यमंत्री से अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा, “आशा, आंगनबाडी कार्यकर्ता प्रशासन की पाठक हैं और आप अपने स्वास्थ्य और परिवार पर ध्यान दिए बिना ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं दे रही हैं।” इसके लिए मैं नमन करता हूं। आशा है कि आंगनबाडी कार्यकर्ताओं की शिकायतों और अपेक्षाओं का समुचित समाधान किया गया है। आपका कर्ज नहीं भुलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आशाताई से अपील की कि वह उन्हें अपने संकट से निकलने का रास्ता खोजने के लिए कुछ समय दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेषज्ञों के मुताबिक, बच्चों में कोरोना की संभावित तीसरी लहर का खतरा महसूस होगा और इसे रोकने में आशा ताई की भूमिका अहम है।
इस अवसर पर टास्क फोर्स में डॉ. प्रभु, डॉ. येवले, डॉ. किणीकर, डॉ. सरल भाषा में दलवई ने कोरोना से बचाव व इलाज, बच्चों के लिए पौष्टिक आहार, मानसिक रोग पर मार्गदर्शन दिया।
इस अवसर पर मुरबाड, पाटोंडा जिले की रोहिणी भोंदीवले, नंदुरबार से साधना पिंपल, भंडारा से भूमिका बंजारी, हिंगोली से सुनीता कुरवडे ने अपने विचार व्यक्त किए।

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