महाराष्ट्र सरकार का हिन्दुओं के धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़- मनोज बरोट भाजपा

राधेश्याम सिंह

वसई । महाराष्ट्र सरकार हिन्दुओ के धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ कर रही है। मन्दिर खुलवाने को लेकर अगस्त महीने में भाजपा द्वारा महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ घंटानाद आंदोलन किया था। इसके बावजूद सरकार द्वारा मंदिर खोलने का निर्णय नही लिया गया। वही गुरुवार को भाजपा जिलाउपाध्यक्ष मनोज बारोट ने महाराष्ट्र सरकार पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए निशाना साधा है।

मंदिर के ताले खोलने के बारे में क्यो नहीं ?
8 अक्टूबर को भाजपा वसई-विरार जिला उपाध्यक्ष मनोज बारोट ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि, महाराष्ट्र सरकार ने दो महीने पहले पुलिस प्रशासन को एक आदेश दिया था कि, कोरोना के चलते सभी कैदियों को पे-रोल पे रिहा किया जाए,जिसको लेके सरकार की बड़ी आलोचना हुई थी। क्योंकि जब खूंखार कैदियों को यानी की जिन्होंने कहीं परिवारों की बहन बेटियो की इज्जत लूटी, कहीं परिवारों की बहन बेटियों के सुहाग उजाडे,कई बच्चो को अनाथ किए,ऐसे कैदियों को जैल से रिहा करने के लिए जेल के ताले खोलने के बारे मेे सरकार सोच सकती है तो मंदिर के ताले खोलने के बारे में क्यो नहीं ?

भाजपा ने की थी घंटानाद आंदोलन
उन्होंने कहा कि, केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवलेजी ने भी 25 अगस्त को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और माननीय राज्यपाल महोदय को एक लिखित पत्र और ट्विटर के माध्यम से धार्मिक स्थलों को खोलने की विनंती की थी। उसी दौरान 27 अगस्त को भाजपा महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत दादा पाटील ने भी पूरे राज्य के सभी धार्मिक स्थलों को खोलने के लिए 29 अगस्त को घंटानाद करके सोई हुई सरकार को जगाने के लिए राज्यव्यापी घंटानाद आंदोलन किया था,ताकि मंदिरो को खोले जाए। लेकिन अनलॉक 5 शुरू हुआ,जिसमें भी महाराष्ट्र सरकार ने मंदिरो को ताले बंदी मेे ही रखा।

इनके बारे में क्यो नही सोचती
बारोट ने कहा कि,अनलॉक 5 में होटेल व बीयर बार आदि जैसी जगहों को खोलने की अनुमति दी गई, ये भी खोलना जरूरी था। क्योकि लोगो का रोजगार शुरू करना भी जरूरी है। लेकिन सरकार की सोच को मै सलाम करता हुँ। क्योकि जब बीयर बार चालू होंगे तो सरकारी तिजोरी मेे महसुल जमा होगा, इसलिए अपनी कमाई के बारे में सोचा। लेकिन मंदिर बंद होने से पुजारी, मंदिर के बहार फूल,हार, प्रसाद,भिक्षु और छोटे-मोटे व्यवसाय करके अपना गुजारा करने वालों के बारे में क्यूं नहीं सोचा ?

शुरू होने जा रही है
उन्होंने कहा कि, दूसरे राज्यो मेे सभी धार्मिक स्थलों को खोले गए है। लेकिन महाराष्ट्र मेे ही क्योकि नही ? 17 अक्टूबर से नवरात्रि उत्सव शुरू होने जा रही है। लेकिन सरकार ने मंदिरो को खोलने के बारे मेे नहीं सोचके यह साबित कर दिया है कि सरकार हिन्दुओं की धार्मिक भावना से खेल रही है यह कहना अनुचित नहीं होगा।

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