ठाणे जिले में झरनों, झीलों, बांधों पर जाने की सख्त मनाई-जिला कलेक्टर नार्वेकर।

दिनेश शुक्ला।

ठाणे । ठाणे जिले में कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण सार्वजनिक और निजी स्थानों पर इकट्ठा होने, रुकने, चर्चा करने, कुछ कार्यक्रम आयोजित करने आदि से वायरस के फैलने की संभावना और लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरे को देखते हुए।
आम जनता को भीड़भाड़ से बचने के लिए तत्काल निवारक उपाय के तहत जिला कलेक्टर राजेश नार्वेकर ने ठाणे जिले के सभी झरनों और झीलों पर इकट्ठा नही होने के लिए सख्त आदेश जारी किया है।
ठाणे जिले में मानसून के मौसम में बड़ी संख्या में पर्यटक झरनों, झीलों व बांधों को देखने के लिए आते हैं। इसलिए ऐसी जगहों पर सामाजिक दूरी बनाए रखना संभव नहीं है और इससे कोरोना वायरस के फैलने की संभावना ज्यादा रहती है। साथ ही पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जानमाल के नुकसान को रोकने के लिए एहतियाती आदेश जारी किए गए हैं।
दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के साथ-साथ संक्रामक रोग नियंत्रण अधिनियम 1897 की धारा 34 और आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए ठाणे जिले में निम्नलिखित तालुका वार स्थानों पर एक निरोधक आदेश लगाया गया है।
प्रतिबंधित इलाके।
ठाणे शहर के येउर झरने, सभी झीलें, कलवा मुंब्रा रेती बंदर, मुंब्रा बाईपास के सभी झरने गायमुख रेती बंदर, घोड़बंदर रेती बंदर, उत्तान सागरी किनारा हैं।
सिद्धगढ़ डोंगरनावे, सोनाले गणपति लेनी, हरिश्चंद्रगढ़, बरविधरन क्षेत्र, पडले बांध, मालशेत घाट के सभी झरने, पालू, खोपवाली, गोरखगढ़, सिंगापुर नानेघाट, धसाई बांध, अंबातेव मुरबाद मुरबाद तालुका में स्थान हैं।
शाहपुर तालुका में भाटसा बांध स्थल, कुंदन दहीगांव, माहुली किले का आधार, चेरवाली, अशोक झरना, खरोद, आजा पर्वत (डोलखंब), सपगांव नदी तट, कलांवे नदी तट, कसारा के सभी झरने।
कल्याण तालुका में कम्बा पावशेपाड़ा, खडावली नदी क्षेत्र, टिटवाला नदी क्षेत्र, गणेश घाट चौपाटी हैं।
भिवंडी तालुका में नादिनाका, गणेशपुरी नदी क्षेत्र स्थान हैं। अंबरनाथ तालुका में कोंडेश्वर, धमनवाड़ी, तरवाड़ी, भोज, वरहाड़े, दहीवाली, मालीचीवाड़ी स्थान शामिल हैं।

बारिश में इन बातों रखे ध्यान खतरनाक स्थानों पर जाने से बचें।
बारिश के कारण किसी झरने पर जाना या पानी की धारा के नीचे बैठना, बारिश के कारण खतरनाक स्थान, झरने, खड्ड, खतरनाक मोड़ आदि। सेल्फी लेना और किसी भी रूप में फिल्मांकन करना।बारिश से बने प्राकृतिक झरनों के आसपास शराब पीना और शराब ले जाना, शराब का परिवहन करना, अनधिकृत शराब बेचना और खुले में शराब पीना। यातायात सड़कों के साथ-साथ खतरनाक स्थानों पर वाहनों को रोकना। खतरनाक स्थिति में अन्य वाहनों को ओवरटेक करते समय लापरवाही से वाहन चलाना। सार्वजनिक स्थानों पर भोजन, कचरा, कांच और प्लास्टिक की बोतलें और थर्मोकोल और प्लास्टिक सामग्री को डालना व उन्हें कहीं और फेंकना।
साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर तेज आवाज में संगीत बजाने के लिए डीजे का उपयोग। सिस्टम बजाना, वाहन में स्पीकर/अपर बजाना और ध्वनि प्रदूषण पैदा करना। कोई भी कार्रवाई जो ध्वनि, वायु और जल प्रदूषण का कारण बनेगी।
सभी दो पहिया, चार पहिया और छह पहिया वाहनों को 1 किमी के भीतर प्रवेश करने से मना किया जाता है। (आवश्यक सेवा वाहनों को छोड़कर) 8 जून से लेकर अगले आदेश आने तक ठाणे जिला कलेक्टर का निर्देश।

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