नैसर्गिक सब्जियों के उगने से हरा भरा डंपिंग ग्राउंड

उदयभान पांडेय।
मुंबई। मुबई महानगर पालिका का मुलुंड स्थित डंपिंग ग्राउंड से निकलने वाली दुर्गंध से ठाणे के कोपरी
निवासी जो कभी बेहाल रहा करते थे। वही अब यहाँ की हरियाली तथा नैसर्गिक रूप से उग आयी पौष्टिक सब्जियां औऱ तरह तरह के पक्षी उन्हें आकर्षित करने लगे है।

उल्लेखनीय है कि मुलुंड डंपिंग ग्राउंड मुबई तथा ठाणे की सीमा के पास स्थित है। वर्ष 1968 से यहाँ कचरा डालने का शुरू हुआ था। कचरों से निकलने वाली दुर्गंध से कोपरी, हरिओम नगर सहित कई परिसरो के निवासी बेहद परेशान थे। स्थानीय निविसियो के साथ शिव सैनिकों द्वारा किए गए तीब्र आंदोलन के बाद 2017 18 में कचरा डालना बंद कर दिया गया। करीब 75 एकड़ में फैले इस डंपिंग ग्राउंड में जगह जगह कचरों का पहाड़ बन गया है। डंपिंग ग्राउंड में डाले गए कचरे जहाँ अब खाद बन रहे है वही कचरों के माध्यम से आए बीज मानसून के दौरान अंकुरित हो कर सब्जियां पैदा करने लगे है। हरे भरे डंपिंग ग्राउंड के बीच उग आयी भिंडी,कोहड़ा, लौकी,करेला,ककड़ी सहित अन्य तरह के साग सब्जियों को निकालने के लिए जरूरत मंद पंहुचने लगे है।
डंपिंग ग्राउंड बंद होने के बाद कचरों के साफ सफाई का ठेका एक निजी कंपनी को दिया गया है। कचरों से दुर्गंध न फैले इसके लिए दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। प्लास्टिक सहित अन्य धातुओ की छटाई कर कचरों से खाद बनाने का काम किया जा रहा है।

यह जानकारी कंपनी के ब्यवस्थापक विनायक पडेलकर ने दी है। उन्होंने बताया कि पेड़ पौधों के लिए बड़े पैमाने पर खाद का निर्माण किया जा रहा है। यहाँ काम करने वाले कर्मचारियों के साथ साथ चूहे तथा तरह तरह के पक्षी हरी भरी सब्जियों का लाभ उठा रहे है। यह पूरा परिसर नंदन वन की तरह दिखाई देने लगा है।

120 views
Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: