ठाणे शहर पर मंडरा रही है कोरोना की काली छाया एकाएक बढ़ने लगा है रोगियों का ग्राफ

समर प्रताप सिंह
ठाणे। ठाणे शहर के ऊपर अब भी कोरोना की काली छाया मंडरा रही है। गत कुछ दिनों पहले शहर में रोग का ग्राफ तेजी से घटा था। लेकिन एकाएक शहर में रोगियों की संख्या बढऩे लगी है। साथ ही कोरोनामुक्त होने का ग्राफ भी घटने लगा है।
यह चिंता का विषय शहर के लिए बन गया है। अब कोरनामुक्त होने का प्रमाण ९० प्रतिशत से घटकर ८६ प्रतिशत पर आ चुका है। यह चिंता का विषय रजानीतिक व प्रशासनिक स्तर पर बन गया है।
उक्त मामले को लेकर कांग्रेस द्वारा चिंता व्यक्त की जा रही है।विगत दस दिनों के भीतर ठाणे शहर में एकाएक कोरोना रोगियों की संख्या बढऩे लगी है। इन बातों का जिक्र करते हुए कांग्रेस लीगल सेल के ठाणे शहर जिला अध्यक्ष एड. दरम्यान सिंह बिष्ट ने चिंता जताई है।
ठाणे मनपा आयुक्त के साथ ही आरोग्य विभाग को भी सचेत किया गया है। एड. सिंह ने कहा है कि इस मामले को ठाणे मनपा आयुक्त डॉ. विपीन शर्मा गंभीरता से ले। साथ ही उन बिंदुओं पर विशेष ध्यान दे कि किन कमियों के कारण ऐसी स्थिति आई है।
ठाणे शहर में कोरोना के कहर को कम करने में आयुक्त डॉ. शर्मा ने अथक मेहनत की है। उनके प्रयासों की अनदेखी किसी भी स्तर पर नहीं की जा सकती है। उनके प्रयास के कारण ही शहर में कोरोना रोगियों के मौतों के ग्रााफ में कमी आई है। पहले रोगियों की मौत का प्रतिशत ३.६ प्रतिशत था। जो अब घटकर ३.०२ प्रतिशत पर आ गया है।
एड. सिंह का कहना है कि गत अगस्त महीने में ठाणे शहर में कोरोना का प्रकोप थमा था। उस समय रोजाना डेढ़ सौ से कम ही रोगी पाए जा रहे थे। जिससे ठाणेकरों को काफी राहत का अनुभव हुआ था। लेकिन चालू सितंबर माह में कोरोना को लेकर स्थिति पलट गई। कहा गया है कि गत दस दिनों में रोजाना रोगियों की संखया में वृद्धि देखी जा रही है। रोजाना ढाई़ सौ से तीन सौ रोगी पाए गए। यह चिंता की बात पूरे शहर के लिए है। गत बुधवार को तो साढ़े चार सौ नए कोरोना रोगी ठाणे शहर में पाए गए थे। जो खतरनाक संकेत है।
ठाणे शहर में अब तक २८ हजार ६४१ लोग कोरोना प्रभावित हुए हैं। जबकि २५ हजार रोगी ठीक होकर अपने घर आ चुके हैं। इन आंकड़ो का हवाला देते हुए एड. सिंह ने कहा है कि मनपा प्रशासन एकाएक कोरोना प्रसार में हुई वृद्धि को गंभीरता से ले।

अन्यथा ठाणे शहर को आनेवाले समय में गंभीर संकट का समना करना पड़ सकता है। अब सारा कुछ मनपा प्रशासन की सक्रियता पर निर्भर करता है कि उनके द्वारा आनेवाले समय में किस तरह की कोरनारोधी उपाय योजनाओं पर अ्मल किया जाएगा। अन्यथा शहर में कोरोना संकट की छाया पहले की तरह ही मंडराती नजर आ सकती है। ऐसा एड. सिंह का कहना है।

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