कोरोना की चपेट आने से पुलिस अधिकारी शहीद

समर प्रताप सिंह
ठाणे। मुंब्रा पुलिस भले ही मुंब्रा-कौसा में कोरोना के कहर को कम करने में सफल रही, लेकिन पुलिस पर अब भी कोरोना संकट मंडरा रहा है। दर्जनों पुलिस कर्मचारी और अधिकारी  अब तक कोरोना की चपेट में आए  हैं। लेकिन इसके कारण पुलिसकर्मियों की हो रही मौत चिंता का विषय बन गया है।

इसी बीच मुंब्रा पुलिस स्टेशन में सेवारत सहायक पुलिस उपनिरीक्षक अशोक सालुंखे की कोरोना के कारण मौत हो गई। जबकि इसके पहले अन्य पुलिस अधिकारी खाडे की भी मौत हो चुकी थी।
असमय सालुंखे की मौत पर वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मधुकर कड के साथ ही अन्य पुलिस पदाधिकारियों  पुलिसकर्मियों ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। मालूम हो कि 19 सितंबर दिन शनिवार को सालुंखे कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव आई थी। उन्हें तत्काल उसी दिन इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान ही 10 अक्टूबर दिन शनिवार को उनकी मृत्यु हो गई।

गौरतलब हो कि जलगांव जिले के यावल तहसील के कोलनाहापी गांव में 1 जून 1965 में इनका जन्म हुआ था। वे 11 अगस्त 1985 में पुलिस में भर्ती हुए थे। 4 अगस्त 2019 में मुंब्रा पुलिस स्टेशन में कार्यरत हुए। स्व. सालुंखे अपने परिवार के साथ सुप्रिया बिल्डिंग पारसिक नगर खारेगांव कलवा में रहते थे।
स्थानीय स्तर पर चर्चा हो रही है कि मुंब्रा पुलिस भले ही मुंब्रा -कौसा में कोरोना को मात देने में सफल रही हो, लेकिन पुलिसकर्मियों की सुरक्षा पर सदा खतरे मंडराते रहे हैं।

कोरोना के शुरुआती काल में मुंब्रा पुलिस ने जान हथेली पर रखकर लॉकडाऊन का पालन करवाने में व्यस्त रही थी। कई पुलिसकर्मी भी उस दौरान कोरोना की चपेट में आए थे। विदित हो कि मुंब्रा परिसर की आबादी काफी घनी है। जिस कारण न चाहकर भी पुलिसकर्मियों को आम नागरिकों के बीच जाना पड़ता है। ऐसी स्थिति मे कोरोना संक्रमण की सौ प्रतिशत संभावना बनी रहती है।

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