कोकण बाढ़ प्रभावित स्कूली बच्चों को मदद में बाटे गये कपड़े व मास्क !

समर प्रताप सिंह
ठाणे। महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण से लेकर कोकण  में आई बाढ़ आपदा के दौरान चर्चित डॉक्टर दिलीप पवार ने एक बार फिर जनसेवा की अनोखी मिसाल कायम की है।  वैसे तो वे  कोरोना संक्रमण के दौरान  पूरे महाराष्ट्र में चाहे वह शहर हो या उपनगर या फिर ग्रामीण क्षेत्र अपनी मदद पहुंचाते रहे।  उनकी निजी पहल के कारण हजारों लोगों की जान बच पाई है ।
ऐसे सेवानिष्ठ चिकित्सक दिलीप पवार ने कोकण क्षेत्र में आई बाढ़ से तबाह हुए खेड और मंडनगढ़ गांव की भी सेवा करने का संकल्प लिया । दोनों गांव बाढ़ के कारण बुरी तरह तबाह हो गए थे । यहां के स्कूली बच्चों के लिए डॉक्टर पवार ने कपड़े और ग्रामीणों के लिए 10000 मास्क के साथ ही  सेनीटाइजर मदद के तौर पर उपलब्ध कराया है।  उनके इस योगदान के प्रति वहां के ग्रामीणों ने आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद भी दिया है ।
इस संदर्भ में जानकारी देते हुए डॉक्टर पवार ने बताया कि परोपकार का यह कार्य वे जन सहयोग के बल पर ही कर रहे हैं । इस अभियान में उन्हें लगातार अन्य सेवाभावी संस्थाओं का भी सहयोग मिल रहा है । उसी सहयोग के बल पर वे कोरोना संकट के बाद कोकण के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए सामने आए हैं । उनका प्रयास है कि वे अपनी क्षमता के अनुरूप बाढ़ पीड़ितों की मदद आगे भी करते रहेंगे।
  उन्होंने बताया कि खेड और मंडनगड जो बाढ़ के कारण इस बार तबाह हो गया था , वहां के स्कूली बच्चे कपड़े के लिए भी तरस गए थे । इस संदर्भ में जब उन्हें जानकारी मिली तो उन्होंने इन स्कूली बच्चों को कपड़ा उपलब्ध कराने के साथ ही मास्क और सेनीटाइजर भी कोरोना से बचाव के लिए उपलब्ध करवाया है।
विदित हो कि कोरोना सकट की शुरुआत से लेकर अब तक डॉक्टर पवार मुंबई , ठाणे,  पुणे , सोलापुर , रायगढ़ के साथ ही अन्य जिलों में भी अपना मदद कार्स करते आ रहे हैं। डॉक्टर पवार बताते हैं कि खेड और मंडनगढ़ के लोगों की मदद उन्होंने कोरोना संकट  के दौरान भी की है।
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