जीएसटी के बेतुके प्रावधानों के ख़िलाफ़ कैट के 26 फ़रवरी के भारत व्यापार बंद पर दिल्ली में युद्ध स्तर पर तैयारियाँ शुरू

देश भर में भारत व्यापार बंद को लेकर व्यापारी लामबंद।
उदयभान पांडेय।ठाणे
कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्ज़ (कैट) द्वारा आगामी 26 फ़रवरी को जीएसटी कर प्रणाली के अनेक अहितकारी एवं मनमाने प्रावधानों तथा वर्तमान विकृत स्वरूप के ख़िलाफ़ आयोजित होने वाले भारत व्यापार बंद को पूर्ण रूप से सफल बनाने के लिए कैट के दिल्ली प्रदेश चैप्टर ने तेजी से तैयारियां शुरू कर दी हैं और सिलिसिले में कैट ने दिल्ली को विभिन्न भागो में बांटा है और प्रत्येक भाग में भारत व्यापार बंद को सफल बनाने के लिए कैट के प्रमुख नेताओं को दायित्व सौंपा है ये कहा केट के महानगर अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शंकर ठक्कर ने ।

उधर दूसरी तरफ़ देश के सभी राज्यों में स्थानीय व्यापारिक संगठनों ने स्थानीय स्तर पर भारत व्यापार बंद के लिए चारों तरफ़ से समर्थन जुटाने का काम शुरू कर दिया है ! देश भर में 40 हजार से ज्यादा व्यापारिक संगठन इस काम में जुट गए हैं ! बहुत तेजी के साथ न केवल व्यापारियों बल्कि व्यापार से जुड़े अन्य लोगों से भी संपर्क साध कर उन्हें व्यापार बंद को समर्थन देने का आग्रह किया जा रहा है ! उपभोक्ताओं को बताया जा रहा है की किस प्रकार जीएसटी के माध्यम से उन्हें करों पर कर देना पड़ रहा है जिसके चलते वस्तुएं महंगी होती जा रही हैं ! देश भर में व्यापारी नेता संपर्क यात्राओं पर निकल चुके हैं !

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा की जीएसटी को सरलीकृत कर प्रणाली घोषित किया था किन्तु चार वर्ष बाद अब यह सबसे अधिक जटिल कर प्रणाली बन गई है जिसमें कर पालना का सारा बोझ व्यापारियों पर डाल दिया गया है ! सरकारी अधिकारियों को मनमाने अधिकार दे दिए हैं यहाँ तक यदि अधिकारी चाहे तो बिना कोई अवसर दिए कभी भी किसी भी व्यापारी का जीएसटी पंजीकरण रद्द कर सकता है ! मामूली त्रुटि होने पर भी कड़ी सजा का प्रावधान शामिल कर दिया गया है ! व्यापारियों को इनपुट क्रेडिट लेने के लिए अब एड़ी से चोटी तक का जोर लगाना पड़ेगा ! कर दरों में भारी विसंगतियां हैं ! ऑटो स्पेयर पार्ट्स को अभी तक 28 प्रतिशत के कर स्लैब में रखा हुआ है ! खाद्य वस्तुओं जैसी आवश्यक वस्तुओं को ब्रांडेड एवं अनब्रांडेड घोषित कर टैक्स लगा रखा है ,रेडीमेड गारमेंट्स पर भेद करते हुए टैक्स की दरें लागू हैं, कपडा जैसी आवश्यक वस्तु को कर दायरे में रखा हुआ है ! इस कारण से कर प्रणाली सरल होने के बजाय जटिल हो गई है ! कैट ने केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीथारमन एवं जीएसटी कॉउन्सिल से मांग की है की जीएसटी कर प्रणाली पर व्यापक सिरे से विचार करते हुए पुन: समीक्षा की जाए और कर प्रणाली को सरल बनाया जाए जिससे व्यापारियों को परेशानी न हो तथा जीएसटी का कर दायरा बढ़े एवं केंद्र तथा राज्य सरकारों के राजस्व में वृद्धि हो !

इस भारत व्यापार बंद में दिल्ली के लगभग 3 हजार से अधिक व्यापारिक संगठनों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है ! दिल्ली के सभी बाज़ारों में ऑटो रिक्शा द्वारा मुनादी भी की जायेगी और 14 फरवरी से दिल्ली भर में बहुत तेजी के साथ व्यापारिक संगठनों की मीटिंग के दौर शुरू होंगे ! दिल्ली के सभी बाज़ारों में ” व्यापारी मार्च ” निकाल कर एक बड़ा जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा !

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल, राष्ट्रीय वाईस चेयरमैन श्री सत्य भूषण जैन एवं राष्ट्रीय मंत्री श्री सुमित अग्रवाल इस भारत व्यापार बंद में व्यापार एवं अर्थव्यवस्था से जुड़े अन्य वर्ग जिसमें मुख्य रूप से टैक्स प्रैक्टिशनरों, चार्टर्ड एकाउंटेंट्स, कर सलाहाकार, कंपनी सेक्रेटरी, लघु उद्योग,पेट्रोल पम्प, बैंक्वेट हाल, फार्म हाउस, ऑटोमोबाइल ,सिनेमा हाल, डायरेक्ट सेलिंग, महिला संगठनों, उपभोक्ताओं, हॉकर्स, फ़ूड प्रोसेसिंग, मोबाइल उद्योग, विभिन्न सेवा प्रदाताओं, ऑनलाइन विक्रेता सहित अन्य वर्गों को भी संपर्क कर भारत व्यापार बंद में शामिल करेंगे ! ज्ञातव्य है की आल इंडिया ट्रांन्सपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन (एटवा) ने पहले ही भारत व्यापार बंद में शामिल होकर चक्का जाम करने का निर्णय ले लिया है !

महानगर मुंबई क्षेत्र के सभी व्यापारियों को लामबंद करने हेतु पदाधिकारियों को काम सौंप दिया गया है और ज्यादा से ज्यादा ट्रांसपोर्ट संगठन एवं व्यापारिक संगठन इस व्यापार बंद में जुड़े ऐसा प्रयत्न हो रहा है यह कहा श्री शंकर ठक्कर ने।

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