देश की एकजुटता जरूरी बेलगाम चीन को करारा जबाब देने के लिए-रक्षामंत्री राजनाथ सिंह,

वरिष्ठ संवाददाता
देश में जहां एक तरफ कोरोना महामारी ने नाकों में दम कर दिया है सरकार व प्रशासन युद्ध स्तर पर कोविड-19 को नियंत्रित करने में लगी हुई है। तो वही दूसरी तरफ केन्द्र सरकार के नाकों में कांग्रेस ने दम कर दिया है। वर्तमान सरकार जब भी कोई योजना देश की सुरक्षा को लेकर या महामारी को लेकर बनाने की कोशिश करती है तो 70 सालों से देश की स्थिति को कमजोर करने वाली कांग्रेस सरकार उसके विरोध में आवाज बुलंद करती आ रही है।
यह दुर्भाग्यपूर्ण ही नहीं बल्कि शर्मनाक भी है जब देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लद्दाख सीमा पर चीन भारत स्थिति को चुनौतीपूर्ण बताते हुए लोकसभा में यह अपील किया कि इस वक्त सभी राजनीतिक दल के सांसदों को एकजुट होकर सेना का मनोबल बढ़ाना चाहिए उस दौरान कांग्रेस ने सदन का बहिष्कार करना जरूरी समझा। आखिर इस तरह के बहिष्कार से कांग्रेस देश और दुनिया को क्या संदेश देना चाहती है।
देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में कहाकि चीनी सेना लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति बदलने पर आमादा है।बल्कि यह भी साफ स्पष्ट हुआ कि उसकी नीयत ठीक नहीं। उसकी खराब नीयत का पता इससे बात से भी चलता है कि सैन्य स्तर पर तमाम बातचीत के वावजूद भी वह पीछे हटने को तैयार नहीं है।
चीन किसी भी सन्धि समझावते पर तैयार नही है उसकी नियत मो खोट है कहता कुछ है करता कुछ है इसलिए भारत को भी चीन की हरकतों पर विचार करना होगा कि चीन के साथ हुए विभिन्न समझौतों के प्रति किस सीमा तक प्रतिबद्धता जताई जानी चाहिए। यह ठीक नहीं है देश के लिये चीन हर तरह के समझौतों को नकारते हुए चला आ रहा है भारतीय सीमा के करीब क्या भारत खुद उनके आगे झुके क्या यही उचित है।रक्षामंत्री के कड़क लहजे दुष्ट के साथ दुष्टता का ही व्यवहार नीतिसम्मत है।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह,ने सभी राजनीति दल से अपील किया की राजनीतिक भेदभाव भूलकर सभी एक स्वर में सेना के मनोबल बढ़ाये क्योंकि अब समय आगया है चीन जिस भाषा को समझने पर आमादा है भारत भी उसी के भाषा मे जबाब देने के लिए तैयार है इसके लिए सभी राजनीतिक पार्टियां एक स्वर में भारतीय सेना के मनोबल को बढ़ाये और चीन को अहसास कराएं की भारत एक मजबूत भारत है। राजनीतिक दलों से देश की एकजुटता के लिए रक्षा मंत्री की अपील।

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