मुरबे खाड़ी में केमिकल युक्त पानी से मृत अवस्था में हजारों मछलियां तैरती हुई दिखी।

वरिष्ठ संवाददाता।

पालघर। पालघर जिले के बोईसर तारापुर एम आई डी सी स्थित केमिकल कम्पनियो से निकले केमिकल युक्त रासायनिक पानी से एक बार पुनः मुरबे की खाड़ी में हजारो की संख्या मछलिया मरी अवस्था पानी के ऊपर तैरती नजर आई जिससे आहत मे आकर मच्छीमार समाज के लोगो मे काफी नारजगी व्यक्त किया है।

वही गांव वालो का कहना हैकि बार बार शिकायत करने के बाद भी अधिकारियों के सिर पर जु तक नही रेंगता नाम मात्र कार्यवाही के नाम पर खाना पूर्ति कर दी जाती है कुछ लापरवाही करने वाली कम्पनियो पर गाज गिराई जाती है और उन कम्पनियो को कुछ शर्त के आधार पर फिर उन्हें चालू करने का निर्देश दे दिया जाता है गांव के मछुवारों का मानना है पहले मुरबे की खाड़ी में सभी प्रकार की मछलिया पाई जाती थी अब मात्र कुछ गिने चुने नस्ल की मछलिया रह गयी है जिसका कारण तारापुर एम आई डी सी के कम्पनियो को बताया है अवैध तरीके छोड़े जा रहे रसायनिक युक्त पानी से मछलियो की प्रजाति नष्ट होती जा रही है जिससे मछुवारे समाज को भूखे मरने के दिन देखने को पड़ रहे है

वही तारापुर में बढ़ते प्रदूषण की गम्भीर समस्या को ध्यान में रखकर अखिल भारतीय मंगेला समाज परिषद की तरफ राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT)के पास याचिका दाखल करके न्याय की गुहार लगाई थी तभी मामले को गम्भीरता से लेते हुए राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने एक समिति स्थापित करके तारापुर एम आई डी सी में प्रदूषण करने वाली कम्पनियो का सर्वे करवाके साथ में तारापुर में बने प्रदूषित पानी प्रकिया केंद्र (CETP) जांच करवाके एक रिपोर्ट बनाकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण को दिया था जिसके रिपोर्ट के बाद राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने बड़ी कार्यवाही करते हुए करीब 1600 करोड़ से अधिक दंड लगाकर अहम कदम उठाया था।

जिसके द्वारा लिए गए इस निर्णय से कम्पनी व्यवसायिकों के पैर के नीचे जमीन खिसक गयीं थी और अभी भी देखा जाय तो कम्पनी व्यसायिको के आँखों से पट्टी नही हटी है फिर की बड़ी लापरवाही करते नजर आ रहे है हालात जैसे के तैसे फिर होते जा रहे है अवैध तरीके मुरबे खाड़ी में केमिकल युक्त पानी छोड़ने से पुनः मछुवारों में काफी नारजगी व्यक्त की जा रही है जल्द ही इस पर कोई उचित हल नही निकला तो आंदोलन करने का इशारा दिया है

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