गर्भवती महिला कोरोना योद्धा के रूप में कर रही मरीजों की सेवाएं

राधेश्याम सिंह

विरार । कोरोना संकट कॉल के दौरान वसई-विरार शहर महानगरपालिका में बाल संगोपन केंद्र व मनपा के अन्य आरोग्य केंद्र में कार्य कर रही गर्भवती महिलाएं बिना अपने जान की परवाह किये केंद्र में आये हुए मरीजों की सेवा कर रही है।

पिछले 6 महीनों से लगातार कोरोना का कहर जारी है और आएं दिन सैकड़ों में मरीजों के आंकड़े सामने आ रहे है। अभी भी शहर में कई सेवाओं पर रोक लगी है और अन्य जरूरी सेवाएं सशर्त बहाल की गई है।ज्ञात हो कि इस संकट के बीच जहां घरों में से लोग बाहर नही निकलना चाहते और यह महिलाएं अपनी सेवा देकर कोरोना योद्धा के रूप में डटकर कार्य कर रही है।

यह कोरोना योद्धा अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए अपने बच्चों के स्वास्थ्य की फिक्र न करते हुए मरीजों की सेवा कर रही है। शहर में कुल 26 अस्पतालों की संख्या में 9 अस्पतालों जिसमें (अचोले, धानिव,  जुचंद्र, मोरेगांव तालाब, नवघर पूर्व, पेल्हार, वसई, वालीव और एमसीएच जुचंद्र) आदि सभी अस्पतालों में गर्भवती महिलाएं अपनी सेवा दे रही है। कोरोना वायरस का संकट हो या फिर और दूसरी कोई विषम परिस्थिति,अस्पताल में महिला नर्सो का काम मरीजो की सेवा करना ही है। इस ड्यूटी को नर्से अपना धर्म समझती है।

इस कोरोना के समय में चल रही जंग में तो हर नर्स एक बहादुर योद्धा बनकर सामने आयी है। हालांकि,महानगरपालिका की जानकारी के मुताबिक, बाल संगोपन केंद्र व अन्य आरोग्य केंद्र में कुल 21 महिलाएं गर्भवती (स्टॉफ) है, जोकि लगातार अस्पताल में मरीजो की देखरेख, व गर्भवती महिला की डिलीवरी और अन्य जरूरी चेकअप सुविधाएं दे रही है।

कोंड । जितनी भी गर्भवती महिलाएं (स्टॉफ) है वो हर रोज काम कर रही है। गर्भवती महिलाओं का मनोबल एक दम दृढ़ है,और उनमें किसी प्रकार का भय नही है। लेकिन हम उनके स्वास्थ्य का बहुत ख्याल रख रहे है। किसी प्रकार इंफेक्शन या जो भी प्रीकॉशन दिए गए है, उसका हम लोग ध्यान रखते है। साथ ही उन्होंने मास्क लगाया व सेनेटाइजर ली है,इसका भी ध्यान अस्पताल में रखा जा रहा है।

विविसीएमसी ( वैद्यकीय आरोग्य अधिकारी ) डॉ. तबसून काझी

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