संसद में तीन कृषि विधेयक बिल पारित के विरुद्ध देश के किसान संगठनों का विरोध आंदोलन

वरिष्ठ संवाददाता

कुशीनगर 

केंद्र सरकार द्वारा पारित किसान विधेयक के विरोध में देश के विभिन्न किसान संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन

भारत बंद को लेकर किसान यूनियन व सपा कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन किसान यूनियन ने कृषि अध्यादेश के विरोध में किया प्रदर्शन नारेबाजी कर मोदी सरकार से कृषि अधिनियम को वापस लेने की माँग की भारत बंद को लेकर जिले के खड्डा नगर में किसान यूनियन ने किया प्रदर्शन, किसानों के समर्थन में उतरे सपा के कार्यकर्त्ता
पूर्व राज्य मंत्री राधेश्याम सिंह व एमएलसी रामअवध यादव के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पहुँचे सपाई एडीएम को ज्ञापन सौंप किसान अध्यादेश को वापस लेने की उठाई मांग ।

बाराबंकी

संसद में पास हुए तीन कृषि विधेयकों का विरोध अब सड़कों पर जोर पकड़ने लगा है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) समेत विभिन्न किसान संगठनों ने आज भारत बंद का ऐलान किया है। इस दौरान चक्का जाम भी किया जा रहा है। इसी क्रम में बाराबंकी में भी भारतीय किसान यूनियन (भानू) गुट में भी कृषि बिल के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया।

इस दौरान किसान नेताओं ने रोड पर जाम लगाया, साथ ही आगजनी भी की। प्रदर्शन कर रहे किसानों का आरोप है कि केंद्र के इस बिल से न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था खत्म हो जाएगी और कृषि क्षेत्र बड़े पूंजीपतियों के हाथों में चला जाएगा। किसानों ने कहा कि तीनों विधेयक वापस लिए जाने तक वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
किसान नेता आशू चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार आनन-फानन में जो ये कृषि अध्यादेश लेकर आई है, हम लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर ये अध्यादेश किसानों के हित में है, तो इसे लागू करने से पहले किसानों से बात की जाती। फिर सभी की सहमति के बाद इसे लागू किया जाता।

आशू ने कहा कि इतने सालों से देश का किसान अपने किसान आयोग की मांग कर रहा है, लेकिन उस पर ध्यान न देकर इस अध्यादेश को लागू किया गया है। आशू ने कहाकि किसानों का आरोप है कि केंद्र के इस बिल से न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था खत्म हो जाएगी और कृषि क्षेत्र बड़े पूंजीपतियों के हाथों में चला जाएगा। किसानों ने कहा कि तीनों विधेयक वापस लिए जाने तक वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

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