अवैध रेती उत्खनन में बरामद नौकाओं को प्रशासन द्वारा नष्ट, दो अधिकारीयो पर जांच का आदेश,12 पुलिसकर्मियों का तबादला

राधेश्याम सिंह/वसई
विरार विरार के खानिवडे में हो रहे अवैध रेती चोरी मामले में महसूल विभाग द्वारा युद्ध स्तर पर उपकरण नावों, सक्शन पंपों को नष्ट कर दिया गया है। वही रेती उत्खनन मामले को लेकर विरार पुलिस स्टेशन के सीनियर पीआई और एपीआई के खिलाफ जांच का आदेश जारी किया गया है। तथा 12 पुलिसकर्मियों का तबादला किया गया है।
ज्ञात हो कि, 26 सितंबर को विरार क्षेत्र के खानीवडे व खरडी,तालुका वसई, तानसा नदी/वैतरणा नदी स्थित बिना परमिशन के अवैध रेती उत्खनन को लेकर जिले के एसपी व अन्य पुलिस अधिकारी द्वारा छापा मारकर कार्रवाई की गई थी। इस कार्रवाई में पुलिस ने 7 करोड़ 90 लाख 350 रुपये का माल जप्त किया था।
वही अदालत ने उक्त संबंधित मामले में जब्त की गई 230 नौकाओं और 152 सक्शन पंपों को नष्ट करने का निर्देश दिया । उस संबंध में, राजस्व विभाग ने सक्शन पंप और नाव और उपयोग की जाने वाली सामग्रियों को गैस कटर से काट कर नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कार्रवाई महाराष्ट्र भूमि राजस्व अधिनियम, 1966 की धारा 48 के तहत शुरू की गई है। राजस्व विभाग ने जब्त की गई रेत को नाले और नदी के बेसिन में डंप करना शुरू कर दिया है। यह पहली बार है जब इस तरह की कार्रवाई प्रसाशन द्वारा वसई में पहली बार की गई है।

जांच का आदेश व पुलिस कर्मियों की बदली 
वही विरार पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुरेश वराठे व सहायक पुलिस निरीक्षक पंडित कल्याणराव मस्के,यह जानते हुए कि,विरार पुलिस स्टेशन की सीमा के भीतर अवैध रेती का उत्खनन किया जा रहा है,यह जानबूझकर इसे अनदेखा किया गया। और उन्होंने अपने क्षेत्र में अवैध रेती खनन के कारोबार को खत्म नहीं किया। चूंकि उन्होंने समय पर अवैध रेती खनन के आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की,इसलिए क्षेत्र में माहौल बिगड़ गया है। ऐसे में पीआई सुरेश वराडे और एपीआई/पंडित मस्के ने अपने कर्तव्यों में गुणवत्ता,निष्ठा और अखंडता को बनाए नहीं रखा।

जिसके बाद प्राथमिक जांच का आदेश पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी किया गया है। इसके बाद विरार पुलिस स्टेशन के तहत मांडवी पुलिस चौकी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रेती उत्खनन के बावजूद, कोई भी पुलिस अधिकारी और कर्मचारी रेत खनन के खिलाफ मांडवी चौकी पर तैनात हैं। कोई कार्रवाई नहीं की गयी। इस मामले में लापरवाही बरतने को लेकर एपीआई पंडित कल्याणराव मस्के को तुरंत वसई अपर पुलिस अधीक्षक कार्यालय भेजा गया,वहीं पुलिस हवलदार गौतम तोत्रे, पुलिस नाइक संतोष धांगडा, तानाजी जाधव,सुभाष शिंदे,भरत गोवारी,महेंद्र पाटिल,गजेंद्र पाटिल,विजय गुरव, भूषण पाटिल,पुलिस सिपाही नवनाथ शेळके, गोविंद मुसले और उत्तम भोये को उपमुख्यालय वसई में बदली किया गया है।

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