जर्जर इमारत 17 वर्षीय युवक की सूझबूझ से बची 75 लोगों की जान।

वरिष्ठ संवाददाता

डोंबिवली। केडीएमसी क्षेत्र में कल सुबह तड़के चार बजे के दरम्यान दो महले की इमारत अचानक देखते देखते धरसाई हो गई।

घटना डोंबिवली कोपर गांव स्थित मैना विठू निवास नामक दो महले की बिल्डिंग थी।जिसमें 14 परिवार के 75 लोग रहंते थे। 29 अक्टूबर की तड़के सुबह 4 बजे जब बिल्डिंग के सभी लोग गहरी नींद में सो रहे थे, उसी दरम्यान बिल्डिंग धरासायी होना शुरू हो गयी, लेकिन कहते है न जाको राखे साइयाँ मार सके न कोई,बिल्डिंग के सभी लोगों की जान बचनी थी इसके लिए पहले मंजिल पर रह रहे कुणाल मोहिते नामक 17 वर्षीय युवक सुबह के समय शौच के लिए उठा हुआ था ,जब उसके किचन के पीछे का छज्जा गिरते हुए देखा तो वह घर के सभी लोगों को जगाया,फिर बिल्डिंग वालों को आवाज लगाकर जगाया। कुछ लोगों के घर का दरवाजा खटखटा कर जगाया । बिल्डिंग के सभी लोग समय रहते बिल्डिंग के बाहर निकल आये। और उनके निकलने के कुछ देर बाद पूरी बिल्डिंग धरासायी हो गयी।

कल्याण मनपा वार्ड अधिकारी भरत पवार ने बताया कि बिल्डिंग 42 साल पुरानी थी। छह साल पहले ही इसे अति धोखादायक इमारत घोषित कर बिल्डिंग को खाली कराने की नोटिस भी दी गई थी बावजूद इसमें रहने वालों ने बिल्डिंग को खाली नही कर इसमें रह रहे थे।

स्थानीय निवासी व शिवसेना के पूर्व परिवहन सभापति संजय पावसे अपने सहयोगियों और स्थानीय लोगों की मदत से बिल्डिंग में रह रहे 14 परिवारो का सामान निकाले और उसमे रह रहे बुजुर्ग व बच्चों को सही सलामत इमारत के बाहर निकालने में जुट गए। संजय पावसे ने बताया कि बेघर हुए लोगों को उचित स्थान व खाने पीने का भी व्यवस्था शिवसेना की तरफ से हमने किया है,
विष्णुनगर पुलिस थाने के सहायक पुलिस निरीक्षक विकास पाटिल आगे की जांच कर रहे है।

123 views
Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: